बीजेपी के षड्यंत्र पत्र से रैली हुई रद्द






बीजेपी के षड्यंत्र पत्र से रैली हुई रद्द

डॉ. अंबेडकर की मूर्ति पर डोमा द्वारा संविधान बचाने की शपथ

नई दिल्ली, 29 नवंबर, 2025.

डॉ उदित राज, पूर्व सांसद और राष्ट्रीय चेयरमैन- दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज और आदिवासी संगठनों का परिसंघ (डोमा परिसंघ) ने आज प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान और वोट बचाने के लिए  30 नवंबर  को  दिल्ली की रामलीला मैदान में रैली होनी थी लेकिन बीजेपी ने रद्द कर दिया। इस  षड्यंत्र का आज़ ही पता लगा। श्री शशांक शेखर त्रिपाठी- काशी क्षेत्र बीजेपी लीगल सेल के कोऑर्डिनेटर की शिकायत पर हमारी रैली की अनुमति रद्द की गई। उनकी शिकायत है “महारैली-वोट हमारा अधिकार हमारा“ जो कि ग़लत है। शिकायत है कि इससे समाज विभाजन होगा, भड़काऊ संदेश जाएगा, संविधान खतरे में है, कहना संविधान विरोधी बात है। शिकायत में कहा गया रैली से पब्लिक डिसऑर्डर पैदा होगा। जिस वार्ड में रामलीला मैदान है वहाँ कोई चुनाव नहीं है फिर भी मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट का हवाला दिया गया। 


दिल्ली पुलिस ने  एनओसी न देने का कारण भारी भीड़ जुटना बताया। हमारा उद्देश्य संविधान  और वोट बचाने का था, है और रहेगा। हमने अपनी रैली निरस्त कर दी है और हम अंबेडकर की मूर्ति पर डोमा द्वारा संविधान बचाने की शपथ लेने का कार्यक्रम में परिवर्तित कर दिया है। हम क़ानून में विश्वास रखने वाले लोग हैं। 4 जुलाई 2025  के दिन से ही रामलीला मैदान बुक करने का आवेदन दिया था लेकिन अंत में मना कर दिया गया। ऐसा क्यों? पुलिस का कहना है है की ज़्यादा लोग शामिल होंगे, इसलिए अनुमति नहीं देंगे। यह भी सत्य है कि लाखों की भीड़ जुटने की संभावना थी। एक कारण में समझ आता है कि लगता है SIR के ख़िलाफ़ देश में विरोध तेज हो गया है और इस रैली से और तेज हो जाता। पूरे देश से लोग रेल, एयर और अन्य साधनों से आने की तैयारी कर रहे थे  और आईबी के पास सब सूचना होती है और दूर से आने लोगों को रेलवे स्टेशन पर वापिस कर दिया जा रहा है। हम सभी को दिल्ली न आने की सूचना दे रहे हैं। 


डोमा परिसंघ एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है इसलिए हमने रैली करने के फ़ैसले को रद्द कर दिया है। इसके बावजूद कुछ लोग आयेंगे। संविधान बचाने के अभियान को त्याग नहीं कर सकते इसलिए फ़ैसला लिया गया है कि अंबेडकर भवन, रानी झाँसी रोड पर अंबेडकर की मूर्ति पर संविधान बचाने के लिए संकल्प लेंगे लेकिन बड़ी रैली भविष्य में ज़रूर करेंगे। रामलीला मैदान में रैली न करने देने से पता लगता है कि बहुजन समाज अपने हक के लिए लड़ भी नहीं सकता। 

हम सामाजिक और ग़ैर राजनीतिक संगठन हैं और हमेशा शांतिपूर्वक कार्यक्रम करते आए हैं । कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी बात शांतिपूर्वक ही रखते हैं।


संपर्क : 


सी. एल. मौर्य 

निजी सचिव, माननीय डॉ. उदित राज (पूर्व सांसद)

राष्ट्रीय चेयरमैन, डोमा परिसंघ 

9899766882